जउन खेतवा में करेले किसानी भैया ,उहे हवें हमरो देश के अन्नदाता भैया। जिन बाड़े बॉर्डर पर तम्बू के छहियाँ ,उ का जानिहै खेती के मरम भैया। खाये चिकन मटन और दारु ,इनसे दुखी रहे मेहरारू । आके बॉर्डर पर बै…
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